मेरी दुनिया का वो एक अनमोल तारा था ,

हमें वह अपनी जान से भी प्यारा था ,

झूझते-झूझते एक दिन उनकी साँसे थमी ,

तुमने उनकी चीजें रखी, हमने यादें रखी !!!

                  उनके जाने के बाद, चारों तरफ अँधेरा था ,

              तुम्हारे बनावटी आंसु , सिर्फ एक छलावा था,

           हमने हमारी व्यथा इस दुनिया से छिपा के रखी ,

                 तुमने उनकी चीजें रखी, हमने यादें रखी !!!

अभी तो उस अँधेरे का छटना बाकी था ,

अभी तो उस रूह का विलीन होना बाकी था ,

तुमने कठोरता से हमारे सामने अपनी माँगे रखी ,

तुमने उनकी चीजें रखी, हमने यादें रखी !!!

            आखिर कब तक उन चीज़ों को दिल से लगाओगे ,

            एक दिन तुम भी तो याद ही बन कर रह जाओगे ,

           अनमोल है ये यादें , जो हमने उनकी संजोए रखी ,

                     तुमने उनकी चीजें रखी, हमने यादें रखी !!!

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